New Delhi News: स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन यह प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा भी साबित हो सकता है। फोन लगातार यह रिकॉर्ड रखता है कि आप कहां जाते हैं। कई गैर-जरूरी ऐप्स आपके ट्रैवल पैटर्न और लोकेशन डेटा को जमा कर लेते हैं, जिससे गंभीर प्राइवेसी रिस्क पैदा होता है।
अगर यह संवेदनशील डेटा गलत हाथों में पहुंच जाए तो आपकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। राहत की बात यह है कि आप अपनी लोकेशन सेटिंग्स पर खुद नियंत्रण रख सकते हैं। गैर-जरूरी ऐप्स की ट्रैकिंग रोककर आप अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह प्रोसेस कैसे पूरा किया जाए।
एंड्रॉयड और आईओएस पर लोकेशन एक्सेस बंद करने का तरीका
स्मार्टफोन से लोकेशन ट्रैकिंग रोकना बेहद सरल है। अगर आप आईफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो सेटिंग्स में जाकर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी पर जाएं और लोकेशन सर्विसेज चुनें। यहां आप ऐप्स की सूची देखकर उनके एक्सेस को जरूरत के अनुसार ‘ऑलवेज’, ‘व्हाइल यूजिंग द ऐप’ या ‘नेवर’ पर सेट कर सकते हैं।
एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को सबसे पहले सेटिंग्स में जाना होगा। इसके बाद लोकेशन विकल्प पर टैप करके ऐप लोकेशन परमिशन में जाएं। यहां आपके सामने उन सभी ऐप्स की लिस्ट आ जाएगी जिन्हें लोकेशन का एक्सेस मिला हुआ है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से किसी भी ऐप की परमिशन तुरंत बंद कर सकते हैं।
किन ऐप्स को दें एक्सेस और क्या हो सकते हैं खतरे
अगर आप कन्फ्यूज हैं कि किस ऐप को परमिशन दें, तो खुद से पूछें कि क्या उस ऐप को लोकेशन की सच में जरूरत है। मैप्स या वेदर ऐप को नेविगेशन और मौसम बताने के लिए लोकेशन चाहिए होती है। हालांकि गेमिंग ऐप, शॉपिंग ऐप या कैलकुलेटर को आपकी लोकेशन की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
बिना जरूरत के लोकेशन परमिशन देने से कोई भी संदिग्ध ऐप आपके आने-जाने के रास्तों और रोजमर्रा के रूटीन को ट्रैक कर सकता है। यह डेटा आपकी गैर-मौजूदगी या निजी आदतों का खुलासा कर सकता है। इसलिए जिन ऐप्स को लोकेशन की जरूरत नहीं है, उनका एक्सेस तुरंत बंद करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
