New Delhi News: टेक दिग्गज गूगल अब बाल यौन शोषण से संबंधित कंटेंट की सीधी जानकारी भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उपलब्ध कराएगा। भारत सरकार की कड़ी आपत्ति और मांग के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। इस अहम फैसले से गंभीर मामलों में स्थानीय पुलिस को तुरंत एक्शन लेने में सीधी मदद मिलेगी।
पुराने ग्लोबल सिस्टम को बदलकर सीधा डेटा शेयरिंग मॉडल लागू
अब तक गूगल और मेटा जैसी कंपनियां ऐसे संवेदनशील मामलों की जानकारी सीधे भारतीय एजेंसियों को नहीं देती थीं। वे इन रिपोर्ट्स को पहले अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन को भेजती थीं, जिसके बाद सूचना भारत पहुंचती थी। इस लंबी प्रक्रिया के कारण जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने में जरूरी समय का नुकसान होता था।
मेटा द्वारा पिछले हफ्ते सहमति जताने के बाद गूगल ने भी इस व्यवस्था को लागू करने का ऐलान किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार ने टेक प्लेटफॉर्म्स पर साफ दबाव बनाया था कि जब कोई बच्चा खतरे में हो, तो सूचना में देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भारत सबसे बड़ा बाजार, समय पर एक्शन सुनिश्चित करना प्राथमिकता
गूगल प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि कंपनी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। भारत यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस है, इसलिए सरकार की सख्त हिदायतों के बाद टेक कंपनियों को अपनी पुरानी नीति में बदलाव करना पड़ा।