Lucknow News: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों को बंद किए जाने पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बंद स्कूल खुलने पर ही पीडीए आगे बढ़ेगा। शिक्षक दिवस पर पार्टी ने राज्य भर के बंद 26 हजार प्राथमिक स्कूलों के पास पाठशाला पुकारे कार्यक्रम का आयोजन किया।
बंद स्कूलों को दोबारा खुलवाने के लिए सपा का प्रदर्शन
सपा अध्यक्ष ने साफ किया कि पीडीए का मतलब पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय से है। उनका मानना है कि शिक्षा से वंचित तबकों में सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता आएगी। यह चेतना समाज में समानता लाएगी और भेदभाव खत्म करेगी। इससे सभी वर्गों के बीच भाईचारा और सौहार्द मजबूत करने में पूरी मदद मिलेगी।
पार्टी की ओर से पूरे राज्य में आयोजित इस अभियान में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अखिलेश यादव ने 31 अगस्त को पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करके इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की थी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बंद स्कूलों के बाहर खड़े होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध जताया।
सपा सरकार बनने पर मुफ्त शिक्षा देने का बड़ा वादा
राजधानी लखनऊ में सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने नरही वार्ड में राजकीय इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय के बाहर प्रदर्शन की अगुवाई की। उन्होंने पीडीए पाठशाला लगाकर दोनों स्कूलों को बंद करने का कड़ा विरोध किया। मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने से गरीब और पिछड़े बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है।
विधायक मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष 2027 में सपा की सरकार बनते ही बंद पड़े सभी 26 हजार स्कूल दोबारा खोले जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी किंडरगार्टन से लेकर स्नातकोत्तर तक के छात्रों को मुफ्त शिक्षा देगी। इससे पैसों की कमी के चलते कोई भी जरूरतमंद बच्चा पढ़ाई से कभी वंचित नहीं रह सकेगा।