Mumbai News: शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एकनाथ शिंदे गुट के सांसदों की मुलाकात पर कड़ा प्रहार किया है। मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरोध करने वाले युवाओं की अनदेखी करते हैं, लेकिन पार्टी छोड़ने वाले नेताओं से मिलने का वक्त निकाल लेते हैं।
उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब असली शिवसेना का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, तब यह मुलाकात क्या न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे गुट को भरोसा दिया जा रहा है कि सरकार उनके साथ खड़ी है, जो संविधान के सिद्धांतों के विपरीत नजर आता है।
सुप्रीम कोर्ट में उठाया जाएगा मुलाकात का मामला
उद्धव ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा शिंदे गुट के सांसदों को मान्यता दिए जाने के फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने साफ किया कि इस मुलाकात का मुद्दा भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया जाएगा। ठाकरे ने भरोसा जताया कि शीर्ष अदालत का फैसला पूरी तरह संविधान के आधार पर ही होगा।
इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की जा रही है और सरकार उनकी बातें सुनने के बजाय इंस्टाग्राम के जरिए देश चलाने में व्यस्त है।
झारखंड में छात्र आंदोलन पर सरकार से बातचीत की मांग
ठाकरे ने झारखंड में कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को युवाओं से संवाद करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि युवा अब आरएसएस की बात सुनने को भी तैयार नहीं हैं और देश का माहौल बदलाव का संकेत दे रहा है।
हालांकि झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के साथ बातचीत की पहल की है, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब समय आ गया है जब युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए सत्ता में बदलाव किया जाए।