Chennai News: नेपाल में आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बीच फंसे तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री सकुशल चेन्नई एयरपोर्ट लौट आए हैं। वतन वापसी पर परिजनों से मिलकर सभी भावुक हो गए। यात्रियों ने बताया कि आंखों के सामने पूरा तिमुरे बाजार पानी में समा गया और वे चमत्कारिक रूप से जान बचाने में सफल रहे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकला यह जत्था 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी इलाके में लैंडस्लाइड और सैलाब की चपेट में आ गया था। इसके बाद यात्रियों ने सीमा पुलिस चौकी तक पैदल सफर तय किया। वहां से स्थानीय प्रशासन ने उन्हें काठमांडू भेजा, जहां से वे दिल्ली होते हुए शुक्रवार रात चेन्नई पहुंचे।
साड़ी का फंदा बनाकर की ढाई घंटे तक मुश्किल चढ़ाई
तिरुचिरापल्ली की वल्लीनायकी और करपगम ने बताया कि यात्रा के दौरान अचानक कंक्रीट जैसे मलबे का तूफान नीचे गिरने लगा। तुरंत मदद न मिलने पर 21 यात्रियों ने ड्राइवर साइड से बाहर निकलकर पहाड़ पर चढ़ना शुरू किया। महिलाओं को ऊपर खींचने के लिए साड़ियों का सहारा लिया और ढाई घंटे बाद रेस्क्यू सेंटर पहुंचे।
निस्वार्थ बहादुरी से बची जान, 150 लोग पहुंचे काठमांडू
यात्री शिवरंजनी ने इस बचाव को बहादुरी और ईश्वरीय कृपा का परिणाम बताया। वहीं आध्यात्मिक वक्ता देसा मंगयारकरासी ने वीडियो जारी कर बताया कि बाढ़ में फंसे 150 अन्य लोग भी सुरक्षित रूप से काठमांडू पहुंच चुके हैं। सभी लोगों की सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों ने अब राहत की बड़ी सांस ली है।