Delhi News: देश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) को बड़ा झटका लगा है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत शुरू किए गए 165 हवाई मार्गों को बंद करना पड़ा है। इसके साथ ही कई छोटे और नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी उड़ानों की संख्या काफी घट गई है।
10 जुलाई तक देशभर में उड़ान योजना के तहत कुल 679 रूट चालू किए गए थे। इनमें से फिलहाल 348 मार्ग ही नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं। पर्याप्त यात्री न मिलने और हवाई टिकटों की कीमतें अधिक होने के कारण वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की अवधि खत्म होने से पहले ही 165 रूट बंद करने पड़े।
जेवर और कुशीनगर हवाई अड्डे पर उड़ानों की संख्या घटी
नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों में कमी आई है। पहले यहां से 17 शहरों के लिए उड़ानें थीं, जो अब घटकर 15 रह गई हैं। प्रतिदिन उड़ानों की संख्या भी 36 से घटकर 28 से 30 के बीच आ गई है। दूसरी तरफ, 108.22 करोड़ रुपये के विस्तार के बावजूद कुशीनगर एयरपोर्ट यात्री न मिलने से बंद पड़ा है।
4 जुलाई 2026 को संशोधित उड़ान योजना शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों को जोड़ना है। इसके तहत मुरादाबाद से लखनऊ की उड़ान अब स्काईहॉप कंपनी संचालित करेगी। यह कंपनी मुरादाबाद से कानपुर, हिंडन, सहारनपुर और देहरादून के बीच भी उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है।
छोटे हवाई अड्डों के संचालन में आ रही मुख्य बाधाएं
छोटे हवाई अड्डों के बंद होने और उड़ानें घटने के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे प्रमुख समस्या ईंधन भरने की सुविधा न होना है, जिससे विमानों को बड़े हवाई अड्डों से ईंधन भरकर लाना पड़ता है और संचालन लागत बढ़ जाती है।
इसके अलावा कई रूटों पर यात्रियों की संख्या सीटों के अनुपात में बेहद कम रहती है। महंगे हवाई टिकट और शहरों से हवाई अड्डों तक पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की कमी भी इस योजना के रास्ते में बड़ी चुनौती बनी हुई है।