Mumbai News: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब राज्य में ऐसा पनीर बनाना, बेचना या सप्लाई करना अपराध माना जाएगा। नियम का उल्लंघन करने वालों को 6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
असुरक्षित भोजन और मिलावट पर सख्त कानूनी प्रावधान
खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूरे राज्य में एनालॉग पनीर के निर्माण, प्रोसेसिंग, पैकिंग, ट्रांसपोर्टेशन और बिक्री पर रोक लगा दी गई है। यदि मिलावटी या असुरक्षित भोजन के सेवन से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो कानून में आजीवन कारावास और कम से कम 10 लाख रुपये के जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र ऐसा कड़ा प्रतिबंध लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति तेल, वसा और अन्य गैर-डेयरी सामग्रियों का उपयोग करके तैयार किया जाता है। कई व्यापारी इसे असली डेयरी पनीर बताकर ग्राहकों को धोखा दे रहे थे, जिससे खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई थीं।
पुणे में छापेमारी और बड़े पैमाने पर जब्ती
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नकली डेयरी उत्पादों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में पुणे के मंजरी खुर्द इलाके में एक गोदाम पर छापेमारी कर करीब 1,400 किलोग्राम नकली पनीर जब्त किया गया। इस कार्रवाई में सस्ते विकल्पों का इस्तेमाल कर पनीर बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 1,800 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 400 किलो ग्लिसरॉल मोनोस्टियरेट (जीएमएस) पाउडर और 718 लीटर पाम ऑयल भी बरामद किया। इन सभी सामग्रियों का इस्तेमाल कथित तौर पर नकली डेयरी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा था। एफडीए ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देकर बिक्री करना अनुचित व्यापार माना जाएगा।
विधानसभा में उठा था मुद्दा, होटलों पर भी कार्रवाई
गैर-डेयरी पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध का यह मुद्दा पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा में भी प्रमुखता से उठा था, जहां विधायकों ने इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी। हालिया आदेश के बाद 30 जुलाई से पूरे राज्य में इससे जुड़ी सभी व्यावसायिक गतिविधियों पर औपचारिक रूप से पाबंदी लागू हो गई है।
मई महीने से ही राज्य में सिंथेटिक दूध और पनीर बनाने वाली इकाइयों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, मुंबई सहित अन्य शहरों में अस्वच्छ रेस्तरां और होटलों के खिलाफ भी सख्त निरीक्षण चल रहा है। इस दौरान नियम तोड़ने वाले कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर उन्हें बंद कराया गया है।