Biaora News: मध्य प्रदेश के ब्यावरा में अजनार नदी की सफाई को लेकर किया गया एक दावा सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। स्थानीय छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही ने अकेले छह महीने में नदी साफ करने की बात कही है। इस वायरल दावे पर स्थानीय लोगों और प्रशासन ने कड़ा ऐतराज जताया है।
छात्र ने इंस्टाग्राम पर सफाई से जुड़े वीडियो और पहले-बाद की तस्वीरें साझा की हैं। उसका दावा है कि उसने 26 जनवरी 2026 से संकल्प लेकर तीन घाटों का कचरा स्कूटी से डंप साइट पहुंचाया। इंटरनेट पर जहां इस रील को तारीफ मिल रही है, वहीं जमीनी स्तर पर लोग इसे सिरे से नकार रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने दावे को बताया भ्रामक
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिट्टू कभी-कभार कचरा जरूर उठाता था, लेकिन इससे नदी साफ नहीं हुई। लोगों के मुताबिक हाल ही में आई बाढ़ के तेज बहाव से नदी का पानी साफ दिख रहा है। स्थानीय निवासी कल्याण सिंह तोमर ने बताया कि नदी अब भी प्रदूषित है और इसके लिए व्यापक सरकारी कदम जरूरी हैं।
अजनार नदी नरसिंहगढ़ के पठार से निकलकर 52 किलोमीटर मध्य प्रदेश में बहते हुए राजस्थान जाती है। अजनार बचाओ समिति के सदस्य रामभील ने कहा कि गंदे नालों को रोके बिना नदी साफ होना असंभव है। समिति के पिछले प्रयासों के बावजूद भारी प्रदूषण के कारण केवल सामाजिक स्तर पर नदी को पूरी तरह स्वच्छ करना संभव नहीं हुआ।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 14.77 करोड़ रुपये मंजूर
ब्यावरा नगर पालिका के सीएमओ इकरार अहमद ने सोशल मीडिया के इस दावे को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी में गिरने वाले गंदे नालों के निस्तारण के लिए 14.77 करोड़ रुपये की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना स्वीकृत हुई है। प्लांट के निर्माण के बाद ही नदी के प्रदूषण का स्थायी समाधान निकल सकेगा।