Gurugram News: गुरुग्राम की भोंडसी जेल में पिता की हत्या के आरोप में बंद 46 वर्षीय विचाराधीन कैदी ऋषभ मेहता की बीमारी के बाद मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल से सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल रेफर किया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
गुरुग्राम की जिला जेल भोंडसी में पिता की हत्या के मामले में बंद 46 वर्षीय बंदी ऋषभ मेहता की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहा था। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला वर्ष 2019 का है। शिवाजी नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी गार्डन इलाके में ऋषभ मेहता ने पारिवारिक कलह और मानसिक अवसाद के चलते अपने पिता सुशील मेहता पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी थी। उस दौरान बीच-बचाव करने आई अपनी मां चंदर मेहता और छोटे भाई मयंक पर भी उसने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना के बाद शिवाजी नगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर ऋषभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद से वह भोंडसी जेल में बंद था।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
जेल प्रशासन के अनुसार, ऋषभ पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था और उसका इलाज जेल के अस्पताल में चल रहा था। 2 नवंबर की सुबह करीब सवा 10 बजे अचानक उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। जेल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया। नागरिक अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर भोंडसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में मौत (कस्टोडियल डेथ) के नियमों के तहत मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।