Siwan News: भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को नीट और यूजीसी पेपर लीक के खिलाफ हुए देशव्यापी आंदोलन की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है और असली लड़ाई अभी बाकी है।
सीवान में आयोजित प्रतिवाद सभा में माले महासचिव का बयान
सीवान के आंबेडकर स्मृति पार्क में आयोजित प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र, संविधान, शिक्षा और रोजगार पर हमला करने वाली सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को सत्ता से हटाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
दीपंकर भट्टाचार्य ने बिहार बंद के दौरान पुलिस फायरिंग की कड़ी निंदा की। उन्होंने घटना के जिम्मेदार सीवान एसपी और एसडीपीओ को तुरंत बर्खास्त करने तथा गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान जेल से रिहा हुए छात्र-युवा नेताओं का सम्मान भी किया गया।
घायलों के परिजनों से मुलाकात कर जाना हाल
प्रतिवाद सभा में शामिल होने से पहले माले महासचिव पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सड़क मार्ग से सीवान पहुंचे। उन्होंने 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान फायरिंग में घायल हुए बुलेट गोंड, आरवाईए नेता विशाल यादव और मो. आरिफ के परिजनों से उनके घर जाकर मुलाकात की।
छात्र नेताओं ने सरकार की नीतियों का किया विरोध
जेएनयू छात्र संघ की संयुक्त सचिव दानिश और आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने पेपर लीक को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन करना गुनाह नहीं है। आने वाले दिनों में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।