Nagoya News: जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजों ने स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम स्पर्धा के रोमांचक फाइनल मैच में भारत ने चीन को 238-234 के स्कोर से पराजित किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला तिकड़ी ने देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल कर लिया।
भारतीय टीम में स्टार तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप शामिल रहीं। ज्योति का यह चौथा एशियन गेम्स गोल्ड है, जबकि चिकिता और पृथिका ने अपने पहले ही डेब्यू मैच में स्वर्ण पदक जीता। भारतीय टीम ने 2014 के दक्षिण कोरिया के 238 अंकों वाले वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की।
पहले राउंड से ही भारतीय तीरंदाजों ने बनाई मजबूत बढ़त
खिताबी मुकाबले के पहले राउंड में चीन ने 27 अंक जुटाए, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने तीन परफेक्ट टेन लगाकर 30-27 से बढ़त बना ली। दूसरे राउंड में चीन के अंकों में संशोधन के बाद स्कोर 60-58 रहा। तीसरे राउंड में भी भारतीय तीरंदाजों ने अपना सटीक निशाना बरकरार रखा और बढ़त बनाए रखी।
मैच के पहले हाफ में भारत 119-116 के अंतर से लगातार आगे चल रहा था। इसके बाद दूसरे हाफ में भी चीन के दबाव को दरकिनार करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने परफेक्ट टेन के साथ स्कोर किया। अंतिम क्षणों में सभी निशाने सटीक रहे और भारत ने 238-234 के अंतर से शानदार जीत हासिल की।
रोमांचक सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को दी थी मात
फाइनल में पहुंचने से पहले भारतीय महिला टीम ने कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में मजबूत दक्षिण कोरिया को शिकस्त दी थी। भारतीय तिकड़ी ने वह मैच 235-233 के बेहद करीबी अंतर से जीता था। दूसरे हाफ में कोरिया के स्कोर बराबर करने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने संयम से खेलते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी।