Mandi News: एशियन गेम्स के फाइनल में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। जिस वक्त टीम मैदान पर संघर्ष कर रही थी, खिलाड़ी भावना ठाकुर का परिवार खेतों में काम कर रहा था। जीत की खबर मिलते ही परिजनों ने खेत में ही जोरदार जश्न मनाया।
खेतों में काम करते हुए मोबाइल पर देखा फाइनल मुकाबला
शनिवार सुबह भावना ठाकुर के परिजन लहसुन की बिजाई करने खेत में पहुंचे थे। काम के बीच सभी सदस्य मोबाइल फोन पर फाइनल मैच का लाइव प्रसारण देख रहे थे। गांव के अन्य ग्रामीण भी इस रोमांचक मुकाबले पर नजर बनाए हुए थे। भारत की जीत तय होते ही पूरा इलाका खुशी से झूम उठा।
भावना की बड़ी बहन कांता देवी ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए अत्यंत गर्व का पल है। उनकी बहन ने शानदार खेल दिखाकर मंडी जिले, पूरे हिमाचल प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया है।
साधारण किसान परिवार से निकलकर चमकीं भावना
मूल रूप से गोहर उपमंडल के बैला गांव की रहने वाली 27 वर्षीय भावना ठाकुर बेहद साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता प्रेम सिंह खेती करते हैं और माता दासी देवी गृहिणी हैं। भावना चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनकी भाभी प्रोमिला देवी ने भी इस ऐतिहासिक जीत पर गर्व जताया है।
मंडी दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी टीम में शामिल हिमाचल की बेटियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने धावक सावन बरवाल की उपलब्धि की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हिमाचल लौटने पर सभी पदक विजेताओं का नागरिक अभिनंदन और तय नीति के तहत नकद पुरस्कार दिया जाएगा।