Mandi News: जापान के आइची नगोया में आयोजित एशियाई खेलों में हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने कड़े फाइनल मुकाबले में मजबूत ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस ऐतिहासिक टीम में हिमाचल की चार बेटियां शामिल रहीं।
मंडी की भावना ठाकुर जब जापान में मुकाबला खेल रही थीं, तब उनके परिजन खेतों में लहसुन की बिजाई कर रहे थे। परिवार ने मोबाइल पर लाइव मैच देखा। भारत की जीत तय होते ही पिता प्रेम सिंह खुशी से झूम उठे और पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया।
सावन बरवाल ने 44 साल बाद रचा नया राष्ट्रीय कीर्तिमान
जोगेंद्रनगर के धावक सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में भारत को 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह मेडल हासिल हुआ है।
शिलाई की पुष्पा राणा, मंडी की भावना और कंडाघाट की ज्योति ने धर्मशाला स्थित साई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी ट्रेनिंग पूरी की है। इससे पूर्व 2023 में शिलाई की रितु नेगी के नेतृत्व में भी टीम ने स्वर्ण जीता था। चंबा की सीमा कुमारी ने भी 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य जीता।
साधारण परिवारों के संघर्ष से चमकी अंतरराष्ट्रीय सफलता
अंतरराष्ट्रीय पटल पर तिरंगा लहराने वाले ये सभी खिलाड़ी बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। परिजनों ने तंगहाली के बावजूद बच्चों के खेल सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। जीत के बाद पुष्पा के पिता जयपाल राणा ने स्कूल में मिठाइयां बांटीं।
प्रदेश भर में बेटियों और एथलीटों की इस अभूतपूर्व कामयाबी पर जोरदार आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया जा रहा है। खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों का सावन बरवाल सहित सभी पदक विजेताओं के घर बधाई देने का तांता लगा हुआ है। पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है।