Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी में श्रावण अष्टमी मेले के दौरान वीकेंड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अचानक पहुंचे दो लाख से अधिक भक्तों के कारण मंदिर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पहली बार आपातकालीन वीआईपी-मातृसदन मार्ग पर भी जाम की स्थिति बन गई है।
श्रावण अष्टमी मेले के चलते शनिवार और रविवार को माता के दरबार में शीश नवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी। पिछले दो दिनों के भीतर ही दो लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंच चुके हैं। भारी भीड़ के चलते माता की पहाड़ी पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं।
मंदिर क्षेत्र में सबसे बड़ी चिंता वीआईपी-मातृसदन मार्ग को लेकर पैदा हो गई है। इस आपातकालीन रास्ते पर श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। जिला मजिस्ट्रेट के स्पष्ट आदेश हैं कि इस मार्ग को हर हाल में खाली रखा जाए, ताकि मरीजों और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं को समय पर निकाला जा सके।
स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन की लचर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि मेले के दौरान यातायात प्रबंधन को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए। आपातकालीन रास्तों पर किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए, ताकि किसी अनहोनी से पूरी तरह बचा जा सके।
लगातार बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करना अब पुलिस और स्थानीय प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती बन गया है। प्रशासन के सामने यातायात को सुचारू बनाए रखने के साथ-साथ आपातकालीन रास्तों को पूरी तरह से खाली रखने का दोहरा दबाव है, जिसके लिए अब अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं।