Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शाहतलाई स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा बालक नाथ मंदिर में आस्था का अनूठा नजारा देखने को मिला। जन्म से मूक एक पांच साल के बच्चे को अचानक बोलने की शक्ति मिल गई। इसके बाद खुशहाल परिवार ने बाबा के दरबार में माथा टेका और मन्नत पूरी होने पर चांदी की जीभ भेंट की।
हरियाणा के पंचकूला क्षेत्र निवासी अनिल कुमार सूद का पांच वर्षीय बेटा रियांश जन्म के बाद से ही बोल नहीं पाता था। परिजनों ने बच्चे के बेहतर इलाज के लिए कई डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। इसके बाद परेशान परिजनों ने धार्मिक स्थल की शरण लेने का फैसला किया।
चैत्र मेले के दौरान परिवार ने मांगी थी खास मन्नत
करीब चार महीने पहले चैत्र मेले के समय अनिल कुमार सूद अपने परिवार के साथ शाहतलाई पहुंचे थे। उन्होंने बाबा बालक नाथ के चरणों में मन्नत मांगी थी कि बेटा बोलने लगेगा तो वे चांदी की जीभ चढ़ाएंगे। उस समय मंदिर के मुख्य पुजारी सरवन शर्मा ने भी बच्चे के लिए विशेष पूजा की थी।
दस दिन पहले अचानक बोलने लगा पांच साल का मासूम
परिवार के अनुसार करीब दस दिन पहले रियांश ने अचानक बोलना शुरू कर दिया। जिस बच्चे की आवाज सुनने के लिए माता-पिता वर्षों से तरस रहे थे, उसके मुख से पहला शब्द सुनते ही परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस अद्भुत घटना से परिवार में जश्न का माहौल बन गया।
इस कृपा के बाद अनिल कुमार का पूरा परिवार शनिवार को दोबारा शाहतलाई पहुंचा। मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद परिवार ने अपनी मन्नत के अनुसार बाबा जी के चरणों में चांदी की जीभ अर्पित की। बच्चे के मुंह से नारे सुनकर वहां मौजूद सभी श्रद्धालु पूरी तरह भावुक हो गए।