Chamba News: ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर एक नन्ही बच्ची वंशिका ठाकुर भावुक हो गई। उसने 700 किलोमीटर दूर तैनात अपनी जेबीटी शिक्षिका मां के तबादले की गुहार लगाई। बच्ची और उसकी मां की बात सुनकर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
हिमाचल प्रदेश सरकार के ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान एक बेहद संवेदनशील और भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। कार्यक्रम स्थल पर जैसे ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गाड़ी से नीचे उतरे, उनकी नजर सड़क किनारे खड़ी दो छोटी बच्चियों पर पड़ी। मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाया और उनका कुशलक्षेम पूछने लगे। बातचीत के दौरान ही एक नन्ही बच्ची वंशिका ठाकुर अचानक बिलख-बिलख कर रोने लगी। मासूम को भावुक देख मुख्यमंत्री ने तुरंत उसे संभाला और ढांढस बंधाते हुए रोने का कारण पूछा।
रुंधे गले से अपनी बात रखते हुए वंशिका ने बताया कि उसकी मां नारो देवी जे.बी.टी. (JBT) शिक्षिका हैं। वह पिछले तीन वर्षों से घर से लगभग 700 किलोमीटर दूर शिमला जिले के नेरवा में सेवाएं दे रही हैं। वंशिका अब तक नेरवा में अपनी मां के साथ रहकर ही पढ़ाई कर रही थी, लेकिन हाल ही में नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के चलते उसे वापस अपने घर लौटना पड़ा। मां से इतनी दूर रहकर पढ़ाई करना और रहना उसके लिए काफी कठिन हो रहा था।
दुर्गम स्कूल चंडरू में स्थानांतरण की अनूठी मिसाल
मौके पर मौजूद वंशिका की मां नारो देवी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से नेरवा में तैनात होने और तबादला न होने के कारण उनके बच्चे उनसे दूर रहने को विवश हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक सराहनीय पहल करते हुए चुराह क्षेत्र के सबसे दुर्गम स्कूल ‘चंडरू’ में अपनी तैनाती की मांग रखी।
नारो देवी ने बताया कि चंडरू स्कूल इतना कठिन और दुर्गम क्षेत्र में स्थित है कि वहां पिछले दो वर्षों से कोई भी स्थायी शिक्षक जाने को तैयार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उन्हें उनके घर के नजदीक स्थित इसी कठिन स्कूल में स्थानांतरित कर दिया जाए, जिससे वह अपने बच्चों की देखभाल भी कर सकेंगी और उस दुर्गम स्कूल के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा भी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने दिए तुरंत समाधान के निर्देश
नन्ही वंशिका के आंसुओं और उसकी मां नारो देवी की इस वाजिब मांग को सुनकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने तुरंत अपने प्रशासनिक स्टाफ को मामले का पूरा विवरण दर्ज करने और स्थानांतरण की प्रक्रिया का त्वरित समाधान निकालने के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वंशिका को स्नेहपूर्वक भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान जल्द होगा और उसकी मां जल्द ही उसके पास होगी।