Delhi News: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी अभियान 2026 के राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने राज्यों के साथ हर महीने प्रगति की वर्चुअल समीक्षा करने का ऐलान भी किया है।
इस दो दिवसीय सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक शामिल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव अतिश चंद्र और आईसीएआर के महानिदेशक एमएल जाट भी मौजूद रहे। सभी ने खेती के विकास पर चर्चा की।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। इस मंच पर केवल खेती में सुधार और किसानों की प्रगति का लक्ष्य है। अंतरराष्ट्रीय समझौतों में किसानों का ध्यान रखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान दस राज्यों को पीएम-आरकेवीवाई के तहत 1,082 करोड़ रुपये के वित्तीय मंजूरी पत्र दिए गए। इसमें पश्चिम बंगाल को 290 करोड़, हरियाणा को 198 करोड़, छत्तीसगढ़ को 181 करोड़, अरुणाचल को 154 करोड़ और बिहार को 114 करोड़ रुपये मिले हैं।
कर्नाटक को 104 करोड़, मिजोरम को 75 करोड़, हिमाचल को 64 करोड़, झारखंड को 58 करोड़ और पंजाब को 43 करोड़ दिए गए। चौहान ने बताया कि 2015 के बाद कृषि विकास दर 3% से बढ़कर 4.5% हो गई है।
सहकारी संघवाद को मजबूत करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर मासिक समीक्षा बैठकें होंगी। राज्य स्तरीय टीम में मंत्री, वैज्ञानिक और किसान शामिल होंगे। जिला स्तर पर कलेक्टर, बैंकर और केवीके वैज्ञानिक मिलकर प्रगति का आकलन करेंगे।