Shimla News: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता राजिंदर राणा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। सरकार विरोधियों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग करके झूठी एफआईआर दर्ज करा रही है।
बीजेपी चार्जशीट कमेटी की बैठक के बाद बढ़ी घबराहट
गुरुवार को जारी बयान में राजिंदर राणा ने कहा कि 25 जुलाई को भाजपा चार्जशीट समिति की बैठक हुई थी। इसके बाद से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी सरकार की घबराहट साफ दिख रही है। पौने चार साल की विफलताओं और घोटालों को छिपाने के लिए राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है।
राणा ने धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर दर्ज एफआईआर को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि विजिलेंस और आयकर विभाग पहले ही कई स्तरों पर जांच पूरी कर चुके थे। सभी दस्तावेज सही पाए गए थे। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के दबाव में पुलिस से जबरन एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
विपक्ष के नेताओं और विधायकों को निशाना बनाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि केवल धर्मशाला ही नहीं, बल्कि देहरा और हमीरपुर के भाजपा विधायकों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं पर भी झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। सरकार राज्य में कानून व्यवस्था और अपराध रोकने के बजाय बदला लेने में व्यस्त है।
राणा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई वास्तविक अपराध करता है, तो निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई हिमाचल की शांतिपूर्ण परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कांग्रेस सरकार से अपील की कि वह प्रतिशोध की राजनीति छोड़कर राज्य के विकास और जनहित के कार्यों पर ध्यान दे।