Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों में विकास करने के बजाय राज्य को राजनीतिक प्रतिशोध का केंद्र बना दिया है। इससे प्रदेश की शांतिप्रिय छवि और सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता संभालते ही कांग्रेस ने संस्थानों को बंद करने का काम किया। इसके बाद राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि निकाय और जिला परिषद चुनावों में जनता ने बीजेपी के पक्ष में जनादेश दिया, जिससे बौखलाकर सरकार जनप्रतिनिधियों को प्रताड़ित कर रही है।
विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने और एफआईआर दर्ज करने का आरोप
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि डॉ. राजीव बिंदल, सुधीर शर्मा, होशियार सिंह, आशीष शर्मा और सुखराम चौधरी समेत कई नेताओं को परेशान किया जा रहा है। अधिकारियों पर दबाव बनाकर बीजेपी नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं के परिवारों और समर्थकों को भी जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हत्या और महिला अपराधों पर सरकार चुप है, जबकि विपक्ष को फंसाने में पूरी मशीनरी लगी है। इसके अलावा पुलिस बैंड ‘हार्मनी ऑफ पाइंस’ विवाद और जनप्रतिनिधियों की कथित फोन टैपिंग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सरकार की विफलताओं के खिलाफ चार्जशीट लाएगी बीजेपी
जयराम ठाकुर ने घोषणा की कि बीजेपी सुक्खू सरकार के भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन के खिलाफ एक विस्तृत चार्जशीट तैयार कर रही है। पार्टी कार्यकर्ता इसे गांव-गांव और मंडल स्तर तक ले जाकर जनता के सामने सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे। इस अभियान के जरिए कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा।
जयराम ठाकुर ने नौकरशाही को चेतावनी दी कि अधिकारी राजनीतिक दबाव में गैर-कानूनी काम न करें। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में भी भारी असंतोष है। अगर प्रतिशोध की राजनीति बंद नहीं हुई, तो 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाएगी।