Shimla News: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार लगातार आम जनता पर वित्तीय बोझ डाल रही है। सरकार पहले फीस बढ़ाकर भारी विरोध के बाद मामूली राहत देने का नाटक करती है।
विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं की दरों में बढ़ोतरी का लगाया आरोप
जयराम ठाकुर ने एक बयान में कहा कि विश्वविद्यालयों की फीस पहले दोगुनी की गई, फिर विरोध होने पर थोड़ी कटौती हुई। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य सेवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं, बस किराए, बिजली और सीमेंट की दरों में भी यही नीति अपनाई गई। रेस्ट्रिक्टेड रोड पास की फीस भी 300 रुपये से बढ़ाकर भारी भरकम कर दी गई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कल्याणकारी सरकार का काम केवल शुल्क बढ़ाना नहीं, बल्कि बेहतर सुविधाएं देना है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नया सत्र शुरू होने के बाद भी छात्रों को किताबें नहीं मिली हैं। बच्चे पीडीएफ से पढ़ने को मजबूर हैं और सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की भर्तियां भी अटकी हुई हैं।
केंद्र से मिलने वाली वित्तीय मदद पर चुप्पी साधने का आरोप
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने इन स्कूलों के प्रचार पर करोड़ों खर्च किए, लेकिन भर्ती की स्पष्ट नीति नहीं बनाई। तैयार स्कूल भवनों का उद्घाटन नहीं हो रहा और छात्र किराए के कमरों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले भारी भरकम आर्थिक सहयोग पर राज्य सरकार पूरी तरह चुप्पी साधे बैठी है।
उन्होंने बताया कि केंद्र से राज्य को अतिरिक्त कर हस्तांतरण के रूप में 996 करोड़ रुपये और एसडीआरएफ के तहत 193.5 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा आपदा प्रबंधन की परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार 90 प्रतिशत मदद दे रही है। इसके बावजूद सुक्खू सरकार विकास का काम छोड़कर सिर्फ जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने में लगी है।