Shimla News: हिमाचल प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं के 31,182 नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को अगस्त के पहले सप्ताह में पहला मानदेय मिलेगा। यह राशि 27 जून से 31 जुलाई तक की अवधि के लिए तय मापदंडों के अनुसार जारी की जाएगी। इससे ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक के जनसेवकों के खातों में भुगतान आएगा।
पंचायतों के पुनर्गठन के बाद बढ़े जनप्रतिनिधियों के आंकड़े
मानदेय पाने वाले इन जनसेवकों में 3,748 पंचायत प्रधान और उपप्रधान शामिल हैं। प्रदेश में पहले 3,615 पंचायतें थीं, जिनमें 30,580 प्रतिनिधि चुने गए थे। इस बार नई पंचायतों के पुनर्गठन के बाद जनप्रतिनिधियों की कुल संख्या 31,182 हो गई है। इस विस्तार के साथ ही राज्य में स्थानीय शासन का दायरा भी काफी बढ़ चुका है।
सालाना मानदेय खर्च में हुई करोड़ों रुपये की बढ़ोतरी
प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ने का सीधा असर सरकार के बजट पर पड़ा है। पहले प्रतिनिधियों के मानदेय पर 129.81 करोड़ रुपये का खर्च आता था। अब पंचायतों के पुनर्गठन के बाद यह खर्च बढ़कर 136.30 करोड़ रुपये सालाना हो चुका है। सरकार अगस्त के पहले सप्ताह में तय अवधि का मानदेय खातों में जमा करेगी।