Delhi News: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आरक्षण समर्थक प्रदर्शन से ठीक दो दिन पहले आजाद समाज पार्टी को बड़ा झटका दिया है। पार्टी प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि 24 सितंबर के महाआंदोलन की अनुमति अचानक रद्द कर दी गई। इसके जवाब में उन्होंने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है।
प्रशासनिक रोक और चंद्रशेखर आजाद का सीधा पलटवार
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए करीब बीस दिन पहले आवेदन दिया गया था। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद कार्यक्रम से महज दो दिन पहले अनुमति निरस्त करने का आदेश थमा दिया गया।
सांसद ने बताया कि जंतर-मंतर पर जगह न होने की स्थिति में रामलीला मैदान का विकल्प भी सुझाया गया था, जिसे पुलिस ने खारिज कर दिया। आजाद ने आरोप लगाया कि संवैधानिक तरीके से जुटने पर मुकदमे की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात अघोषित आपातकाल जैसे हैं और वे संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
24 सितंबर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जिला स्तरीय प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर अनुमति न मिलने के बाद आजाद समाज पार्टी ने रणनीति बदल दी है। अब समर्थकों से दिल्ली आने के बजाय देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने को कहा गया है। पहले पार्टी सोशल मीडिया पर ’24 सितंबर चलो जंतर-मंतर’ अभियान चलाकर भारी समर्थन जुटा रही थी, जिसे अब जिलों में मोड़ा गया है।
यह तारीख 24 सितंबर 1932 को हुए ऐतिहासिक पूना पैक्ट से जुड़ी है। यह ऐतिहासिक समझौता महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के बीच हुआ था, जिसमें दलितों के लिए संयुक्त निर्वाचन में आरक्षित सीटों का प्रावधान किया गया था। इस आह्वान के बाद संभावित टकराव को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।