Dharamshala News: धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। भाजपा धर्मशाला मंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर विधायक के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि राजनीतिक विद्वेष के तहत यह कार्रवाई की गई है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि एफआईआर या पुलिस कार्रवाई के डर से विपक्ष की आवाज दबने वाली नहीं है। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि एफआईआर में दर्ज आरोपों और साक्ष्यों का बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के निष्पक्ष परीक्षण होना चाहिए।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक मैदान में लड़ी जानी चाहिए, पुलिस थानों के सहारे नहीं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की जनता अपने विधायक के साथ खड़ी है और लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार बर्दाश्त नहीं करेगी। राजनीतिक बदले की नीयत से की जाने वाली किसी भी कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
विधायक सुधीर शर्मा ने राज्यपाल को अलग से ज्ञापन सौंपकर लॉ ऑफिसर्स की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल और डिप्टी एडवोकेट जनरल राजनीतिक दलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग ले रहे हैं। शर्मा ने इसे राज्य के कानून अधिकारियों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
सुधीर शर्मा ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वह राज्य सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगें। उन्होंने कहा कि कानून अधिकारियों की राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी की नियुक्ति नियमों के तहत जांच होनी चाहिए। विधायक ने यह मामला मुख्य सचिव के समक्ष भी उठाया है ताकि विधि अधिकारियों की तटस्थता बनी रहे।