Birbhum News: पश्चिम बंगाल में रामपुरहाट स्थित टीएमसी पार्टी ऑफिस में पूर्व राज्य मंत्री आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका मिला. पूर्व विधायक और पूर्व डिप्टी स्पीकर की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. उनके पास से मिले सुसाइड नोट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई है. परिजनों के मुताबिक आशीष बनर्जी पहले की तरह बिल्कुल सामान्य थे और उन्होंने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा भी फहराया था. अचानक हुई इस दुखद घटना से उनका परिवार और करीबी बेहद सदमे में हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौके से बरामद सुसाइड नोट में पार्टी और भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया है. हालांकि उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी व्यक्ति विशेष को जिम्मेदार नहीं ठहराया. उन्होंने लिखा कि छात्र जीवन से राजनीति में रहते हुए उन्होंने कभी गलत काम या भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं दिया.
पूर्व मंत्री ने नोट में लिखा कि उन्होंने छात्रों को मुफ्त में पढ़ाया भी है, लेकिन पार्टी में आंखों के सामने हो रहे अन्याय का वे विरोध नहीं कर पाए. तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीआरडीए) में करोड़ों के भ्रष्टाचार आरोपों पर उन्होंने कहा कि इसमें उनकी कोई प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं थी.
आशीष बनर्जी ने सुसाइड नोट में स्पष्ट किया कि वे टेंडर कमेटी में नहीं थे और न ही उनके पास चेक साइन करने या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार था. उन्होंने लिखा कि जिस तरह उनका अपमान किया गया, उससे लगता है कि राजनीति में आना उनकी बड़ी भूल थी.
उनके करीबी टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल ने दुख जताते हुए कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान थे. किसी से उनका कोई झगड़ा नहीं था. वह कभी किसी मुसीबत में नहीं पड़े. वह ईमानदार व्यक्ति थे. किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थे. वो शांतिप्रिय इंसान थे. समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों हुआ.”
