Baghpat News: त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके पैतृक जिले बागपत पहुंचा। अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में उनका शव मिलने के बाद त्रिपुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।
गांधी रोड स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
डीजीपी का पार्थिव शरीर बड़ौत में उनके छोटे भाई रविराज के गांधी रोड स्थित आवास पर रखा गया है। त्रिपुरा पुलिस के एडीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पार्थिव शरीर यहां लाया गया। सुबह से ही परिजन, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
बिहारीपुर गांव में हुआ था जन्म, बैंक अधिकारी से बने आईपीएस
मूल रूप से बिहारीपुर गांव के रहने वाले अनुराग धनखड़ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव और बड़ौत से पूरी की थी। वे बैंक में फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे, जिसके बाद 1994 में वे आईपीएस अधिकारी चुने गए। उनकी इस सफलता से पूरे जिले का नाम रोशन हुआ था।
हवेली वर्षों से बंद, 10 दिन पहले आए थे बड़ौत
ग्रामीणों के अनुसार, नौकरी मिलने के बाद उनका परिवार बाहर रहने लगा था और गांव स्थित पुरानी हवेली सालों से बंद पड़ी है। परिजनों ने बताया कि वह 10 जुलाई को ही दिल्ली में एक बैठक के सिलसिले में आए थे और बड़ौत में अपने भाई से मुलाकात की थी।
बुधवार सुबह राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई
बुधवार सुबह करीब 9 बजे बड़ौत में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोगों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। त्रिपुरा पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
