शिक्षा सुधार और पेपर लीक मुद्दे पर सोनम वांगचुक ने मंत्रियों को लिखा पत्र, अनशन समाप्त करने के लिए रखीं शर्तें

Share

Delhi News: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के विरोध में सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन जारी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखी हैं। वांगचुक ने साफ किया कि जब तक प्रदर्शनकारी युवाओं पर कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे अनशन खत्म नहीं करेंगे।

बुधवार को भेजे गए इस पत्र में उन्होंने दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ अस्पताल में हुई मुलाकात का जिक्र किया। वांगचुक के अनुसार, मंत्रियों ने पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का भरोसा दिया था। साथ ही सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही तय करने पर सकारात्मक विचार करने की बात कही थी।

संसद मार्च के दौरान पुलिस बल प्रयोग और सांसदों की अनशन खत्म करने की अपील

पत्र में सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को निकाले गए ‘चलो संसद मार्च’ की चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने बेवजह कड़ा रुख अपनाया। उन्हें उम्मीद है कि सरकार निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे युवाओं और छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या उत्पीड़न नहीं करेगी।

सोनम वांगचुक ने आगे बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है। कई नेताओं ने पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनसे यह अपील की। हालांकि, वांगचुक ने दोहराया कि वे आंदोलन से जुड़े युवाओं के भविष्य की कीमत पर अपना अनशन वापस नहीं ले सकते।

सरकार से युवाओं के खिलाफ ठोस आश्वासन और स्वस्थ लोकतंत्र का संदेश देने की मांग

आंदोलनकारी नेता ने सरकार से युवाओं पर किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने का ठोस आश्वासन मांगा है। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने केवल अपने अधिकार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग की है। यदि सरकार इस संबंध में लिखित वादा करती है, तो वे तुरंत और विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

मांगें पूरी न होने पर उन्होंने अपना अनशन जारी रखने की चेतावनी दी है। वांगचुक ने सरकार से पुलिस बल का प्रयोग रोकने की अपील भी की। उन्होंने पत्र के अंत में लिखा कि एक मजबूत और परिपक्व लोकतंत्र की असली पहचान यही है कि वह अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ कितना संवेदनशीलता से व्यवहार करता है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News