Delhi News: सोनम वांगचुक ने सरकार से तीन मुख्य मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद गुरुवार देर रात अपना अनशन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें आश्वासन पत्र सौंपा। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है।
सरकार के आश्वासन पत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमा न दर्ज करने का भरोसा दिया गया है। इसके अलावा नीट सुसाइड मामलों में परिवारों को मुआवजा देने और संसद में बहस की बात शामिल है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक को अपने हाथों से जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
हिंसा को रोकने के लिए सोनम वांगचुक ने जताई चिंता
अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर देश में संभावित हिंसा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लंबी बातचीत और तय शर्तों के आधार पर यह फैसला लिया गया है। वांगचुक ने समर्थकों से किसी भी तरह की हिंसा को रोकने और पूरी तरह सतर्क रहने की भावुक अपील भी की।
सोनम वांगचुक के अनशन का यह 26वां दिन था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सफदरजंग और फिर गुरुग्राम के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वांगचुक ने कहा कि वे जल्द ही एक वीडियो जारी करके सरकार के साथ हुई पूरी बातचीत और शर्तों की जानकारी देश की जनता से साझा करेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर डटे रहेंगे छात्र
दूसरी तरफ सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि वांगचुक का जीवन देश के लिए बेहद कीमती है। उन्होंने वांगचुक के त्याग और साहस का आभार जताया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने तक जंतर-मंतर पर छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
शुक्रवार को दिन में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी नेताओं के बीच दूसरे दौर की बैठक प्रस्तावित है। यह अहम बैठक संविधान क्लब में आयोजित की जाएगी। पार्टी ने शुक्रवार को देश के हर जिले में प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसे कई प्रमुख विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है।