New Delhi News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के लाइव मीडिया संवाद कार्यक्रम को लेकर बांग्लादेश में बेचैनी का माहौल है। देश छोड़कर भारत में रह रहीं हसीना दो साल में पहली बार वर्चुअल तरीके से विदेशी पत्रकारों से बातचीत करने जा रही हैं। ढाका ने इस आयोजन पर गहरी आपत्ति जताई है।
बांग्लादेश सरकार ने भारत से हसीना की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। ढाका का कहना है कि किसी भगोड़े नेता को अपनी सरजमीं से राजनीतिक बयानबाज़ी की इजाज़त देने से द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ सकता है। वहीं भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह निजी कार्यक्रम है।
विदेश मंत्रालय ने साफ किया रुख, निजी मीडिया का है आयोजन
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस आयोजन से सरकार का कोई संबंध नहीं है। यह एक निजी संस्था का कार्यक्रम है और किसी के विचार प्रस्तुत करने पर सरकार का नियंत्रण नहीं होता। विदेश मंत्रालय के अनुसार साक्षात्कार देना पूरी तरह से हसीना का व्यक्तिगत निर्णय है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हसीना के खुलकर बोलने से बांग्लादेश के लोगों की सहानुभूति उनके पक्ष में जा सकती है। इसी बात को लेकर तारिक रहमान सरकार डरी हुई है। हालांकि ढाका लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, लेकिन भारत की तरफ से कोई कानूनी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।