Rajouri News: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में देर रात आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रात के करीब 3 बजे अचानक आए पानी के तेज बहाव ने 120 घरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस भीषण आपदा के कारण 425 से अधिक लोग बेघर होकर सड़कों पर आ गए हैं।
अचानक आए पानी के सैलाब ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। गहरी नींद में सो रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे। इस दौरान बेटी की शादी के लिए रखे गहने बचाने की कोशिश में एक मां पानी के तेज बहाव में बह गई। बाढ़ में लोगों की जिंदगी भर की जमा-पूंजी और सपने मलबे में तब्दील हो गए हैं।
राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए पीड़ित परिवार
बाढ़ के कारण क्षेत्र के 17 परिवारों की शादियों की तैयारियां मातम में बदल गईं। प्रभावित लोगों में 7 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, जो इस समय राहत शिविरों में रह रही हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे तन पर पहने कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा सके। दशकों की मेहनत से बने आशियाने एक ही रात में पूरी तरह उजड़ गए।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए स्थानीय स्कूल में राहत शिविर बनाया है। शिविर में भोजन, कपड़े और रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा खुद मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावितों को व्यक्तिगत रूप से भी सहायता प्रदान की है।
पीएम मोदी और केंद्र सरकार से दोबारा बसाने की अपील
इस आपदा में केवल स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से आकर बसे व्यापारी परिवार भी प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 90 वर्षों में उनके पूर्वजों ने कभी ऐसी भयावह बाढ़ नहीं देखी थी। व्यापार और दुकानें बह जाने से लोग पूरी तरह से असहाय हो गए हैं।
पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से दोबारा बसने के लिए थोड़ी सी जमीन देने की भावुक गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि उन्हें पक्के मकान नहीं चाहिए, बस रहने के लिए जमीन मिल जाए ताकि वे टेंट लगाकर अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू कर सकें।