Chandigarh News: सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों के आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पंजाब की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान सरकार पर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की है।
विपक्षी दलों का कहना है कि जब केंद्र सरकार में पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय हो सकती है, तो पंजाब में एक्शन क्यों नहीं हो रहा है? आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह पूरा मामला सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।
कांग्रेस और बीजेपी ने बोला आप सरकार पर हमला
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरजोत बैंस से तुरंत पद छोड़ने की मांग की। वड़िंग ने 12वीं अंग्रेजी, नायब तहसीलदार और फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगाकर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी।
बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए अरविंद केजरीवाल पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों का समर्थन करने वाले नेता पंजाब के युवाओं पर मौन हैं। उन्होंने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके को भी छात्रों की आवाज उठाने का वादा याद दिलाया।
अकाली दल के आरोप और मान सरकार पर बढ़ता नैतिक दबाव
अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी मंत्रियों के इस्तीफे की मांग उठाई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े चार सालों में छह परीक्षा घोटालों से करीब पांच लाख युवा प्रभावित हुए हैं। विपक्ष के इन हमलों से पंजाब सरकार पर सख्त कार्रवाई करने का भारी नैतिक दबाव बन गया है।
विपक्ष का आरोप है कि आम आदमी पार्टी केंद्र में तो इस्तीफे मांगती है, लेकिन अपने राज्य में चुप रहती है। कांग्रेस और अकाली दल ने आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं। हालांकि पंजाब सरकार या आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।