New Delhi News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और इजरायल ने अपने संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल की रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार मजबूत और विकसित हो रही है। इस पर इजरायली पीएम नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना दोस्त बताते हुए धन्यवाद दिया और मिलकर रिश्ते मजबूत करने की बात कही।
द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार दोनों नेताओं ने आपसी हित वाले कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। बातचीत में रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में साझेदारी पर जोर दिया गया। इसके अलावा दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएं बनी हुई हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने मौजूदा हालातों पर एक-दूसरे के संपर्क में रहने पर सहमति जताई है, जो क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और भारत पर इसका असर
इस बीच ईरान ने कहा है कि वह ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौते का मसौदा तैयार कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह के तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।
पश्चिम एशिया में जारी यह घटनाक्रम भारत के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के इस क्षेत्र के साथ गहरे व्यापारिक और ऊर्जा संबंध हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वहां रहते हैं। भारत हमेशा से क्षेत्र में शांति, स्थिरता और तनाव कम करने की वकालत करता आया है।