New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर 587 पीएचडी शोधार्थियों समेत 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक और निदेशक स्वर्ण पदक जैसे प्रतिष्ठित सम्मान सौंपे।
सोनीपत परिसर में एआई-सक्षम सुपरकंप्यूटर ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन
देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत अनुसंधान को गति देने के लिए प्रधानमंत्री ने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में ‘परम प्रज्ञा’ नामक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन किया। यह हाई-परफॉर्मेस कंप्यूटिंग सिस्टम संस्थान की एआई, डेटा साइंस और इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पहली बार नए पाठ्यक्रमों के छात्रों को मिलीं डिग्रियां
इस वर्ष कुल 3036 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं, जिनमें 1049 बीटेक, 567 एमटेक, 248 एमबीए और 243 एमएससी के छात्र शामिल हैं। साल 2026 में पहली बार बैचलर ऑफ डिजाइन, एग्जीक्यूटिव एमबीए, बायोलॉजिकल साइंसेज में एमएससी और कल्चर, सोसाइटी एंड थॉट में एमए के पहले बैच के छात्रों ने स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
18 एनआईटी के साथ अकादमिक समझौता और अलाइन पहल की शुरुआत
आईआईटी दिल्ली ने देश के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) के साथ शैक्षणिक साझेदारी की है। इस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए ‘अलाइन’ (एकेडमिक लिंकेजेज फॉर इनोवेशन एंड नेशनल ग्रोथ) पहल शुरू की गई है। इसके तहत छात्रों और शिक्षकों को संयुक्त शोध, साझा लैब और बहुविषयी नवाचार का सीधा लाभ मिलेगा।
प्लेसमेंट मेंटरशिप और 600 करोड़ रुपये का अनुसंधान बजट
छात्रों के प्लेसमेंट में मदद के लिए ‘प्लेसमेंट मेंटरशिप’ और तनाव कम करने के लिए ‘कॉल फॉर ए फ्रेंड’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। संस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 600 करोड़ रुपये की शोध परियोजनाएं संचालित की हैं। आईआईटी दिल्ली के पास वर्तमान में 1756 पेटेंट का मजबूत बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो मौजूद है।