Delhi News: संसद के मानसून सत्र में सोमवार को एक बार फिर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगने पर अड़ा है। वहीं सरकार लोकसभा में कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की तैयारी में है। कांग्रेस ने एफसीआरए संशोधन बिल का पुरजोर विरोध करने का फैसला किया है।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब की मांग
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को 13 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद गृह मंत्री ने एक शब्द भी नहीं कहा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि बच्चों पर लाठी और पैलेट गन चलाने की जवाबदेही तय करनी होगी। गृह मंत्री को संसद में जवाब देना होगा।
राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री माफी मांगने के बजाय क्षमा बांटने की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वह पूरी ताकत से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने प्रयागराज के कार्यक्रम में मिले एक छात्र का जिक्र करते हुए इसे पूरी व्यवस्था की हार करार दिया।
कांग्रेस ने एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध करने का ऐलान किया
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केरल के अलाप्पुझा में कहा कि केंद्र सरकार ने अगर एफसीआरए संशोधन बिल पेश किया, तो विपक्षी दल इसका विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून अल्पसंख्यकों और एनजीओ को निशाना बनाने वाला है। वेणुगोपाल ने परिसीमन विधेयक पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों पर बुरा असर पड़ेगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि जब छात्र पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, तब सरकार को जवाब देना चाहिए। सरकार यह बताए कि लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। वहीं एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले की अगुवाई में पीएम मोदी से मिलेंगे। पार्टी ने साफ किया है कि एफसीआरए बिल का मौजूदा स्वरूप उनके विचारों के खिलाफ है।
संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में सरकार
एक तरफ विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं सरकार सोमवार को संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। लोकसभा की कार्यसूची में गृह मंत्री से जुड़े केरल नाम परिवर्तन विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक शामिल हैं। इसके अलावा राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगी।