Bhubaneswar News: उत्तरी ओडिशा में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। बैतरणी, सालंदी, बुढ़ाबलंग और सुवर्णरेखा नदियां उफान पर बह रही हैं। कई इलाकों में नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने स्थिति को देखते हुए बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और क्योंझर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा कटक, पुरी, खोरधा और संबलपुर जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बाढ़ के हालातों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने खुद मोर्चा संभाला। दोनों नेताओं ने जाजपुर और भद्रक के प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी दौरा किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए वाटर टैंकर भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए वाटर-प्यूरीफाइंग टेबलेट्स बांटी जा रही हैं। पानी का स्तर बढ़ने के कारण सर्पदंश की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम भी पर्याप्त मात्रा में तैयार रखा गया है।
समुद्र में उथल-पुथल और तेज लहरें उठने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को सतर्क कर दिया है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के आसपास के इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।