Delhi News: नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर केंद्र सरकार ने रुख साफ कर दिया है। सरकार के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि शिक्षा मंत्री इन घटनाओं के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं हैं। इसलिए उनके इस्तीफे की संभावना बेहद कम है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच बातचीत पर फंसा पेंच
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से छात्रों और विपक्ष का प्रदर्शन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की इच्छा दिखाई है। हालांकि केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकों के बावजूद बातचीत के स्थान को लेकर विवाद बना हुआ है।
मुआवजे और संसद में चर्चा पर सरकार ने जताया सकारात्मक रुख
सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों की अन्य मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है। पेपर लीक विवाद के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने पर सकारात्मक मंथन चल रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार संसद में इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने और समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे, मृतक छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे और दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग रखी है। सरकार ने साफ किया है कि अव्यावहारिक मांगों को माना नहीं जा सकता है। हालांकि बातचीत के जरिए उचित समाधान निकालने के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं।