Shivpuri News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से 400 साल पुरानी तोप चोरी हो गई है। सिंधिया रियासत काल की इस ऐतिहासिक धरोहर की तलाश अब राजस्थान तक पहुंच गई है। पुलिस को मिले अहम इनपुट के आधार पर राजस्थान के करौली जिले में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश पुलिस की सूचना पर राजस्थान पुलिस ने करौली के हिंडौन इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। गांवड़ा मीणा गांव में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर संदिग्ध जगहों पर तलाशी ली गई। पुलिस को शक है कि 3500 किलोग्राम की इस भारी तोप को चोरी के बाद यहीं कहीं छिपाया गया है।
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। संदिग्ध जगहों पर जेसीबी मशीन से खुदाई भी कराई गई। भरतपुर से एक्सपर्ट्स की मेटल डिटेक्टर टीम को भी मौके पर बुलाया गया। कई घंटों की लगातार खोजबीन के बाद भी पुलिस को अभी तक तोप का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
इंटरनेशनल एंटीक मार्केट में करोड़ों रुपये है तोप की कीमत
इतिहासकारों के मुताबिक यह तोप 16वीं सदी की बेशकीमती धरोहर है। यह सिंधिया राजघराने के सैन्य इतिहास का अहम हिस्सा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेशनल एंटीक मार्केट में इसकी कीमत करोड़ों रुपये हो सकती है। जांच एजेंसियां इसके पीछे एक बड़े और ऑर्गेनाइज्ड एंटीक तस्कर नेटवर्क के शामिल होने की आशंका जता रही हैं।

पूरी प्लानिंग के साथ की गई तोप चोरी की वारदात
पुलिस जांच में पता चला है कि चोरों ने इस वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया। भारी तोप को पहले कपड़ों और गद्दों में अच्छे से लपेटा गया। फिर एक स्पेशल ट्रॉली की मदद से उसे किले से नीचे उतारा गया। इसके बाद तोप को एक लोडिंग गाड़ी में रखकर ले जाया गया।
मौके पर मिले लोहे के पाइप, गद्दे, घसीटने के निशान और गाड़ी के टायरों के निशान अहम सुराग बन गए हैं। पुलिस इन सबूतों की मदद से चोरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने किले की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना की रात वहां पर्याप्त सुरक्षा मौजूद नहीं थी।
ड्यूटी से गायब गार्ड्स और जरूरी संसाधनों की कमी का फायदा उठाकर चोर आसानी से फरार हो गए। पुलिस सुरक्षाकर्मियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट ने भी इसे ऐतिहासिक धरोहर पर बड़ा हमला माना है। दोनों राज्यों की पुलिस जॉइंट ऑपरेशन चलाकर इस बड़े नेटवर्क को जल्द पकड़ने की कोशिश कर रही है।