भारतीय नौसेना और वायुसेना ने सोमाली समुद्री डाकुओं से मुक्त कराया ईरानी पोत, 48 घंटे में 20 क्रू सदस्य सुरक्षित

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National News: अरब सागर और हिंद महासागर में भारतीय नौसेना ने वायुसेना के साथ मिलकर 48 घंटे के संयुक्त अभियान में ईरानी मछली पकड़ने वाले पोत ‘अज़ीनी’ को सोमाली समुद्री डाकुओं से मुक्त कराया है। मुंबई से 3,000 किलोमीटर दूर संचालित इस सटीक कार्रवाई में पोत पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।

अरब सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में सोमाली समुद्री डाकुओं की गतिविधियों के बीच भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी उच्च परिचालन क्षमता और अदम्य साहस का परिचय दिया है। नौसेना ने मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर 48 घंटे तक चले एक अत्यंत सटीक और समन्वित अभियान के तहत ईरानी मछली पकड़ने वाले पोत ‘अज़ीनी’ (Azini) और उस पर सवार सभी 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने भी समय पर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

12 हथियारबंद डाकुओं ने किया था पोत का अपहरण

प्राप्त विवरण के अनुसार, उत्तर-पूर्वी सोमालिया के तटीय कस्बों बांदर बायला (Bandar Bayla) और हाफुन (Hafun) के बीच 12 भारी हथियारबंद सोमाली डाकुओं ने ईरानी नौका ‘अज़ीनी’ पर धावा बोलकर उस पर नियंत्रण कर लिया था। अपहरण के समय पोत पर 21 ईरानी चालक दल के सदस्य और 2 सोमाली सुरक्षा गार्ड मौजूद थे।

मेरिटाइम सिक्योरिटी सेंटर इंडियन ओशन द्वारा अलर्ट जारी किए जाने के तुरंत बाद भारतीय नौसेना हरकत में आई। जांच में सामने आया कि डाकू इस अपहृत पोत को मुख्य जहाजरानी लेन की ओर ले जा रहे थे, ताकि इसका इस्तेमाल अन्य व्यापारिक जहाजों (Merchant Vessels) पर हमला करने के लिए ‘मदर शिप’ (Mother Ship) के तौर पर किया जा सके।

नौसेना और वायुसेना का सटीक 48 घंटे का साझा ऑपरेशन

खतरे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना ने वायुसेना के साथ मिलकर तुरंत क्षेत्र की घेराबंदी की। तकनीकी निगरानी के जरिए पोत की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के बाद नौसैनिक जहाजों ने उसे बीच रास्ते में ही रोक (Intercept) लिया। लगातार 48 घंटे की कड़ी मशक्कत और सख्त घेराबंदी के बाद डाकुओं को सरेंडर करने पर मजबूर किया गया। इसके बाद सभी 20 क्रू सदस्यों के साथ पोत को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जांबाजों की सराहना की

इस सफल अभियान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना और वायुसेना के जवानों को बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए रक्षा मंत्री ने लिखा कि इस ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता बेहद उच्च स्तर की है और वह पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री खतरों का निर्णायक जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारे जांबाज कर्मियों ने जीवन रक्षा, समुद्री सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के भारत के संकल्प को पुनः सिद्ध किया है।

हिंद महासागर में सोमाली डाकुओं की बढ़ती चुनौतियां

पिछले कुछ महीनों में अदन की खाड़ी और पश्चिमी हिंद महासागर में सोमाली समुद्री डाकुओं की गतिविधियों में अचानक तेजी देखी गई है। इससे पहले अप्रैल से अगस्त के बीच डाकुओं ने छह व्यावसायिक जहाजों का अपहरण किया था। इनमें यमन के पास तेल टैंकर ‘सिबू 1’ (Sibu 1) और सितंबर में ‘एमटी ऑनर 25’ (MT Honour 25) शामिल थे, जिस पर डाकुओं ने 5 क्रू सदस्यों की हत्या कर दी थी। इस चुनौतीपूर्ण पृष्ठभूमि में भारतीय नौसेना की यह सफल कार्रवाई हिंद महासागर में भारत को एक मजबूत और विश्वसनीय सुरक्षा प्रदाता (Net Security Provider) के रूप में स्थापित करती है।

Desh Raj
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