Delhi News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन सड़कों पर उतर आया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लगातार दूसरे दिन पुलिस ने हिरासत में लिया। विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच पैठ मजबूत करना चाहते हैं।
इंडिया गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। पार्टी सांसदों के साथ मार्च कर रहे राहुल गांधी ने जनपथ से जंतर मंतर जाते वक्त हिरासत में लिए जाने के बाद कहा, “जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, हम विरोध बंद नहीं करेंगे। यह लड़ाई सबसे पवित्र चीज की रक्षा के लिए है।”
विपक्षी रणनीतिकारों का मानना है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का विषय सीधे आम जनता से जुड़ा है। यह मुद्दा समाज के हर वर्ग और समुदाय को प्रभावित करता है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस एकजुटता से सत्ताधारी दल बैकफुट पर है और विपक्ष इसके जरिए जनता का भरोसा जीतने की पूरी तैयारी में है।
आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा और एनडीए के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। साल 2027 में उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे अहम राज्यों में चुनाव होने हैं। यदि उत्तर प्रदेश में गठबंधन सरकार नहीं बना पाया, तो 2029 के आम चुनाव की राह कठिन हो जाएगी। इसी कारण विपक्ष चुनाव आयोग पर दबाव बना रहा है।
कांग्रेस नेताओं का स्पष्ट कहना है कि चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए मतदाताओं का साथ जरूरी है। इसी रणनीति के तहत विपक्षी दल दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में साझा रैलियां कर रहे हैं, ताकि वोट चोरी के मुद्दे पर जनता को अपने आंदोलन से सीधा जोड़ा जा सके।
