Ganjam News: चक्रवात ‘अर्णव’ की तबाही से अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए गंजाम जिले पर अब एक और चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। संभावित भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और पुख्ता प्रबंध करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
3 नवंबर को तट से टकराने की आशंका, दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मालकानगिरि जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के निर्देश
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी जोखिम वाले या निचले क्षेत्र में लोगों को नहीं रहने दिया जाए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य कमजोर वर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाए। प्रत्येक पंचायत और संभावित प्रभावित गांवों में भोजन, पेयजल, जनरेटर, और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की अग्रिम व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही, एनडीआरएफ (NDRF) और ओड्राफ (ODRAF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है, जबकि मछुआरों को 2 से 4 नवंबर तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
चक्रवात ‘अर्णव’ की तबाही से जूझ रहा है जिला
गौरतलब है कि इससे पहले आए चक्रवात ‘अर्णव’ के कारण गंजाम जिले में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया था। अकेले पात्रपुर में 546 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई थी, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए थे और लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी थी। कई इलाकों में नदियां अब भी उफान पर हैं और परिवार राहत शिविरों में रह रहे हैं। ऐसे में नए चक्रवाती खतरे ने जिला प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।