Delhi News: कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि उनकी विदाई की मांग केवल एक मुद्दे पर नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय की विफलताओं और भ्रष्टाचार की लंबी सूची के आधार पर की जा रही है।
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को जारी बयान में धर्मेंद्र प्रधान पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा मंत्री को उदासीन, असंवेदनशील और अयोग्य बताया। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित होने के बावजूद शिक्षा मंत्री पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर अहंकार दिखा रहे हैं।
पेपर लीक और नियुक्तियों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पूरी तरह विफल रही। साल 2024 में कई परीक्षाएं रद्द हुईं और 2026 में नीट-यूजी तथा यूजीसी-नेट समाजशास्त्र के पेपर लीक हुए। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री ने पेपर लीक से इनकार किया और संसदीय समिति की सिफारिशें खारिज कर दीं।
उन्होंने सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में अनियमितताओं और जांच रिपोर्ट न सौंपने की बात कही। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियों पर राजनीतिक निष्ठा के आरोप लगाए। इसके अलावा एनएएसी, टीआईएसएस और आईसीएचआर जैसे स्वायत्त संस्थानों में भ्रष्टाचार का दावा करते हुए जल्द ही पूरा ब्यौरा सामने रखने की बात कही।