Ayodhya News: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आने के बाद चढ़ावा गिनने की पूरी व्यवस्था बदल दी गई है। इस कार्रवाई के तहत पुराने सभी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। नौ जुलाई को 23 कर्मचारियों ने एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद बचे हुए 12 कर्मचारियों को बैंक प्रबंधन ने खुद हटा दिया है। हालांकि, कर्मचारियों को हटाने का स्पष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। नए कर्मचारियों की नियुक्ति होने तक चढ़ावे की रकम गिनने की जिम्मेदारी स्टेट बैंक के नियमित अधिकारी और कर्मचारी ही संभालेंगे।
स्टेट बैंक पर बढ़ा दबाव, सावन मेले से पहले नई भर्ती की तैयारी
चोरी का मामला उजागर होने के बाद से ही स्टेट बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भी बैंक की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बीते डेढ़ महीने से बैंक अधिकारी मामले को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों ने वेतन कम करने और काम के घंटे बढ़ाने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच में पांच कर्मचारियों पर केस मिलने पर उन्हें हटाया गया। बाद में अंदरूनी खबरें मीडिया में लीक होने पर बचे हुए कर्मचारियों को भी निकाल दिया गया। अब सावन मेले से पहले नए कर्मियों की भर्ती होगी।
चोरी मामले में एसआईटी जांच तेज, साक्ष्यों की होगी फोरेंसिक जांच
दान चोरी मामले की जांच के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में नई एसआईटी गठित की जा रही है। पुलिस एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का फोरेंसिक परीक्षण कराएगी। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के कारण जांच में पूरी सतर्कता बरती जा रही है, ताकि कोर्ट में मजबूत आरोपपत्र दाखिल किया जा सके।
प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर गहन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने के दोषियों के खिलाफ भी कड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का पूरा ध्यान हर पहलू को शामिल करते हुए केस को अदालत में मजबूती से पेश करने पर है।
ट्रस्ट ने सीईओ और नए न्यासियों के चयन के लिए मांगा एक माह
महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में सीईओ नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी ने एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के कारण चयन प्रक्रिया में समय लग रहा है। आगामी सावन झूला मेले को देखते हुए ट्रस्ट ने अस्थाई सचिव की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह प्रशासनिक फैसला लिया गया है। इसके साथ ही संस्था का पक्ष सही तरीके से मीडिया और जनता के सामने रखने के लिए एक आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति को भी सर्वसम्मति से हरी झंडी दे दी गई है।