Delhi News: भारत में एशियाई शेरों के संरक्षण के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। देश में शेरों की आबादी साल 2015 के 523 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई है। यह महत्वपूर्ण जानकारी विश्व शेर दिवस के अवसर पर सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सार्वजनिक की।
पर्यावरण मंत्री ने एक्स पोस्ट में दिया बड़ा संदेश
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि शेरों की बढ़ती संख्या वन्यजीवों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह सफलता साबित करती है कि देश में विकास और प्रकृति का संरक्षण एक साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने शेरों को कुदरती धरोहर बताया।
शेरों का प्राकृतिक क्षेत्र बढ़कर 35 हजार वर्ग किमी हुआ
पर्यावरण मंत्री ने लोगों से शेरों के संरक्षण का संकल्प दोहराने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनकी दहाड़ सुन सकें। आंकड़ों के मुताबिक, शेरों का दायरा भी काफी बढ़ा है। साल 2020 में इनका क्षेत्र 30,000 वर्ग किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 35,000 वर्ग किलोमीटर हो चुका है।