Nainital News: देवभूमि उत्तराखंड की हसीन वादियों में बसा कैंची धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद बाबा नीम करोली महाराज के पावन दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा है। यदि आप भी यहां आ रहे हैं, तो आसपास मौजूद अद्भुत हिल स्टेशनों की सैर जरूर करें।
नैनीताल की शांत झील और भीमताल का सुरम्य वातावरण
कैंची धाम से मात्र 17 किलोमीटर दूर विश्व प्रसिद्ध नैनीताल स्थित है। यहां चारों तरफ हरी-भरी पहाड़ियों से घिरी नैनी झील में बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। इसके साथ ही प्रसिद्ध मां नैना देवी मंदिर में मत्था टेकने, स्नो व्यू पॉइंट से हिमालय निहारने और मशहूर मॉल रोड पर चहलकदमी का बेहतरीन मौका मिलता है।
यदि आप शांत माहौल पसंद करते हैं, तो 20 किलोमीटर दूर भीमताल जा सकते हैं। शांत वादियों में बसी भीमताल झील नौकायन के लिए बेहद लोकप्रिय मानी जाती है। यहां आने वाले पर्यटक प्राचीन भीमेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकते हैं। यह स्थान सुकून भरे पलों के लिए एकदम मुफीद माना जाता है।
मुक्तेश्वर की ऊंची चोटियां और अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत
कैंची धाम से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर 7,500 फीट की ऊंचाई पर मुक्तेश्वर बसा है। सेब के बागानों और बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के लिए यह बेहद मशहूर है। यहां सदियों पुराने भगवान शिव के मुक्तेश्वर धाम के दर्शन किए जा सकते हैं, जबकि चौली की जाली में रोमांचक रॉक क्लाइंबिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।
धाम से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कला के लिए पहचाना जाता है। यहां प्रसिद्ध कसार देवी मंदिर और मन्नत पूरी करने वाले गोलू देवता के मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं। गोलू देवता मंदिर में लटकी हजारों घंटियों की गूंज मन को असीम सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।