Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित 28 वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। प्रदेश में आपराधिक मामलों की जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह तैनाती की जा रही है। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी उपस्थित रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण और आपराधिक मामलों के त्वरित तथा सटीक खुलासे के लिए फॉरेंसिक जांच तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 28 नए वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
12 जिलों में संचालित हैं फॉरेंसिक लैब, 6 नए जिलों में काम जारी
प्रदेश सरकार अपराध अनुसंधान में फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका को लगातार विस्तार दे रही है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में आधुनिक विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्रीज) सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। इसके अलावा राज्य के छह अन्य जिलों में नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
राजधानी लखनऊ में उच्च स्तरीय ‘उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस’ भी संचालित है, जहां विशेषज्ञों को आधुनिक अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही साक्ष्यों की अचूक पहचान के लिए प्रदेश की सात विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में डीएनए जांच की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
ई-फॉरेंसिक 2.0 प्रणाली से जुड़ा जांच तंत्र
जांच प्रणाली को पारदर्शी, त्वरित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए प्रदेश की सभी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में ‘ई-फॉरेंसिक 2.0’ डिजिटल प्रणाली को लागू किया गया है। नए वैज्ञानिक अधिकारियों के कार्यभार संभालने से प्रयोगशालाओं में लंबित मामलों के परीक्षण में तेजी आएगी और अदालतों में समय पर वैज्ञानिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकेगी।