धीरेंद्र शास्त्री के यूपी में आयोजनों पर रोक लगाने की मांग: अखिलेश यादव ने की प्रशासन से अपील, कुंडा में 17 नवंबर से प्रस्तावित है कथा

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Lucknow News: बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है। सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से अपील की है कि उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति रद्द की जाए। अखिलेश ने कुंडा, लखनऊ, आगरा, झांसी, गोंडा और अंबेडकरनगर में नवंबर-दिसंबर में होने वाले आयोजनों का हवाला दिया है।

कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित विवादित बयानों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने विरोध का दायरा बढ़ाते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासनों से धीरेंद्र शास्त्री के आगामी सार्वजनिक आयोजनों को अनुमति न देने की औपचारिक अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश ने नवंबर और दिसंबर माह के दौरान प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में प्रस्तावित कथा कार्यक्रमों का ब्योरा सामने रखा।

कुंडा में राजा भैया करा रहे हैं श्रीराम कथा, सियासी पारा चढ़ा

अखिलेश यादव द्वारा जिन कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया है, उनमें प्रतापगढ़ का कुंडा भी शामिल है। कुंडा में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) द्वारा 17 से 19 नवंबर तक तीन दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन कराया जा रहा है, जिसमें धीरेंद्र शास्त्री को कथावाचक के रूप में आमंत्रित किया गया है।

कुंडा के अलावा अंबेडकरनगर, गोंडा, झांसी, लखनऊ और आगरा में भी नवंबर और दिसंबर के दौरान धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। सपा प्रमुख द्वारा इन सभी आयोजनों पर रोक लगाने की मांग के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

‘न ब्रज में मिलेगा प्रवेश, न अवध में’: अखिलेश का तीखा हमला

इससे पहले बुधवार सुबह अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि उन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। सपा प्रमुख ने लिखा था कि ऐसे कथावाचक को न ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न ही अवध में कोई सच्चा सनातनी उनका स्वागत करेगा। उन्होंने यूपी-एमपी सीमा पर इनके प्रवेश निषेध के नाकाबंदी बोर्ड लगाने तक की बात कही थी।

अखिलेश ने यह सवाल भी उठाया कि आपसी राजनीतिक टकराहट में भगवान को बीच में क्यों लाया जा रहा है और क्या किसी बाहरी के इशारे पर यूपी की धार्मिक-राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है।

राम और कृष्ण की तुलना वाले वीडियो से उपजा विवाद

विवाद की शुरुआत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उस वीडियो से हुई थी, जिसमें वे कथित तौर पर भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूपों की तुलना करते नजर आए थे। सपा प्रमुख ने इसे सनातन धर्म और आराध्यों का अपमान बताते हुए इसे ‘ईशनिंदा’ करार दिया था।

सपा मुखिया के कड़े विरोध के बाद अब कुंडा सहित अन्य जनपदों में प्रशासन के आगामी कदम और अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर प्रदेश भर की नजरें टिकी हुई हैं।

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