ऊना में हरियाणा रोडवेज बस से जिंदा कछुआ ले जाती महिला गिरफ्तार, कोर्ट ने 1 सितंबर तक रिमांड पर भेजा

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Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब में दिल्ली से बैजनाथ जा रही हरियाणा रोडवेज की बस में एक कछुआ (इंडियन फ्लैपशेल टर्टल) ले जा रही उत्तर प्रदेश की महिला को पकड़ा गया है। आरोपित महिला की पहचान गीता देवी पत्नी कन्हैया लाल द्विवेदी, निवासी प्रयागराज के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 1 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। बरामद कछुए को वन विभाग को सौंप दिया गया है। भारत में कछुए का शिकार करना, बेचना या अपने पास रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत गंभीर अपराध है।

हरियाणा रोडवेज के दिल्ली डिपो के चालक सुधीर कुमार बस लेकर बैजनाथ जा रहे थे। शनिवार रात लगभग डेढ़ बजे बस अंब के कटौहड़ कलां में ढाबे पर रुकी। बस से उतरी महिला यात्री अपने पास मौजूद प्लास्टिक के डिब्बे में पानी बदल रही थी। चालक ने देखा कि डिब्बे में जिंदा कछुआ था।

महिला कछुआ ले जाने संबंधी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। पूछताछ में महिला ने बताया कि वह कछुए को धर्मशाला स्थित मंदिर के महंत मंगल पुरी के पास ले जा रही थी। डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और बीएनएसएस की धारा 173 के तहत केस दर्ज किया गया है।

कई लोग वास्तु शास्त्र या भाग्य चमकाने के अंधविश्वास में कछुआ पालते हैं। हालांकि भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत ऐसा करना गैर-जमानती अपराध है। इसमें वन विभाग या पुलिस आरोपी को बिना वारंट भी गिरफ्तार कर सकती है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (2022 संशोधन) के तहत कछुओं की तस्करी पर सख्त सजा तय है।

पहली बार अपराध पर 3 से 7 साल की कैद और ₹25,000 से अधिक का जुर्माना होता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर 5 से 7 साल की सजा और ₹1,00,000 से अधिक जुर्माना हो सकता है। इससे पहले मई 2026 में पालमपुर में 47 कछुए, मार्च 2026 में बद्दी में 2 कछुए और मई 2024 में चंबा में कछुए का खोल बरामद हुआ था।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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