Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश की देवभूमि में जन्मे डब्ल्यूडब्ल्यूई फेम द ग्रेट खली (दलीप सिंह राणा) का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। आगामी दिसंबर में ब्रिटिश संसद (यूके) में आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्हें इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा।
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स यूके के अध्यक्ष सुमित सिंगला ने द ग्रेट खली से मुलाकात की। इस दौरान खली ने अपने दो दशक पुराने मित्र सुमित सिंगला से संघर्ष से लेकर सफलता तक के अपने पूरे जीवन सफर की यादें साझा कीं।
दलीप सिंह राणा का जन्म 27 अगस्त 1972 को हिमाचल के सिरमौर जिले के धिरियाना गांव में हुआ था। उनका बचपन भारी आर्थिक तंगी में बीता और स्कूल की फीस देने तक के पैसे नहीं थे। परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए उन्होंने कम उम्र में ही मजदूरी तक की।
उनकी असाधारण कद-काठी ने आगे चलकर जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने पुलिस सेवा में प्रवेश किया और पंजाब पुलिस में भी अपनी सेवाएं दीं। पुलिस में रहते हुए उन्होंने कुश्ती को गंभीरता से अपनाया और साल 2000 में पेशेवर रेसलिंग की दुनिया में अपना कदम रखा।
वर्ष 2006 में उन्होंने डब्ल्यूडब्ल्यूई के साथ अनुबंध किया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया। उन्होंने द अंडरटेकर, जॉन सीना और बतिस्ता जैसे महान पहलवानों का सामना किया। जून 2007 में उन्होंने वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियनशिप जीतकर भारतीय कुश्ती के इतिहास में बड़ा मुकाम हासिल किया।
सुमित सिंगला ने कहा कि द ग्रेट खली उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने सच्चाई और मेहनत के दम पर विश्व स्तर पर पहचान बनाई है। आगामी दिसंबर में ब्रिटिश संसद में उन्हें प्रमाण-पत्र और सम्मान दिया जाएगा, जो हिमाचल और देश के लिए बेहद गर्व का विषय है।