Mandi News: बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के संरक्षण के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंडी एनआर ठाकुर ने मंगलवार को सुंदरनगर उपमंडल के डैहर से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को बाल अधिकारों, सुरक्षा और शोषण से बचाव के प्रति विस्तार से जागरूक किया।
स्कूलों में जागरूकता सत्र का आयोजन
इस अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डैहर और गोल्डविन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डैहर में सुबह के सत्र में करीब 400 विद्यार्थियों व शिक्षकों ने भाग लिया, जबकि दोपहर के सत्र में गोल्डविन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के लगभग 225 विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एनआर ठाकुर ने कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं और उनका किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे भारतवर्ष में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ वर्षभर चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाई जाएगी।
पोक्सो अधिनियम और सुरक्षा के उपायों पर दी जानकारी
एनआर ठाकुर ने कहा कि बच्चों को घर और स्कूल सहित हर जगह सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना समाज की मुख्य जिम्मेदारी है। बाल यौन शोषण, बाल मजदूरी, बाल भिक्षावृत्ति, बाल विवाह, मानव तस्करी, नशे और इंटरनेट के खतरों से बच्चों को बचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सजग रहना होगा। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो 2012) तथा बाल अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को अनजान लोगों से दोस्ती करने, उनके उपहार स्वीकार करने और मिलने के प्रस्तावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही, बच्चों को अपने शरीर पर स्वयं का अधिकार समझने और किसी के गलत तरीके से छूने पर स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहना सीखने के लिए प्रेरित किया।