Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित बड़ू राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्र सर्वेश शर्मा को सेना के लिए ड्रोन बनाने हेतु 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने के दावे को रक्षा मंत्रालय की पहल आईडेक्स (iDEX) ने फर्जी करार दिया है। छात्र के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल होने के बाद अब हमीरपुर पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई है।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज बड़ू के छात्र सर्वेश शर्मा द्वारा सेना के लिए ड्रोन विकसित करने पर 3.5 करोड़ रुपये की सरकारी ग्रांट मिलने के दावे को रक्षा मंत्रालय के ‘इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस’ (आईडेक्स) ने सिरे से खारिज कर दिया है। संस्था द्वारा इस दावे को आधिकारिक तौर पर फर्जी बताए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। वहीं, दूसरी ओर छात्र के कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने और घायल होने की घटना ने पूरे मामले को उलझा दिया है। हमीरपुर पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है।
आईडेक्स ने सोशल मीडिया पर किया दावे का खंडन
रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के तहत वर्ष 2018 में शुरू की गई रक्षा नवाचार पहल आईडेक्स ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल ‘IDEX DIO’ पर पोस्ट साझा कर स्थिति स्पष्ट की। संस्था ने लिखा कि बीते दो महीनों से सर्वेश शर्मा के प्रोजेक्ट को 3.5 करोड़ रुपये का अनुदान मिलने की जो खबरें प्रसारित हो रही हैं, वे पूरी तरह फर्जी हैं। आईडेक्स ने इस तरह की संवेदनशील सूचनाओं को सार्वजनिक करने से पहले संबंधित विभाग से क्रॉस-वेरिफाई करने की सलाह दी है। हालांकि, कुछ अपुष्ट चर्चाओं में सेना द्वारा कॉलेज प्रबंधन से छात्र का संपर्क विवरण मांगे जाने की बात भी सामने आई है, लेकिन इस पर कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरा छात्र, पीजीआई रेफर
भोरंज उपमंडल की बाहनवी पंचायत का निवासी सर्वेश शर्मा बड़ू कॉलेज में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पांचवें सत्र का छात्र है। उसने करीब 87 हजार रुपये की लागत से एक ड्रोन तैयार किया था, जिसके बाद वह व्यापक चर्चा में आया था। बीते 28 अक्तूबर को सर्वेश कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। हादसे में उसके जबड़े और हाथ में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन न होने पर उठे गंभीर सवाल
आईडेक्स के स्पष्टीकरण के बाद अब कॉलेज प्रबंधन और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्र की इस कथित उपलब्धि को लेकर 24 सितंबर को बाकायदा प्रेस रिलीज जारी की गई थी। इससे पहले 23 सितंबर को राज्यपाल से भी छात्र और उसके परिजनों की मुलाकात करवाई गई थी, जिसमें उपायुक्त हमीरपुर भी मौजूद थीं। उस दौरान ड्रोन की तकनीक, विशेषताओं और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े रक्षा अनुदान के दावे का आधिकारिक स्तर पर सत्यापन किए बिना इसे कैसे प्रचारित कर दिया गया। फिलहाल पुलिस छात्र के गिरने की घटना और दावे के पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।