Solan News: सोलन के बघाट बैंक में लोन न चुकाने वाले डिफाल्टरों पर कड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। सहायक रजिस्ट्रार की कोर्ट ने 100 से ज्यादा डिफाल्टरों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। वहीं, बैंक को डूबने से बचाने के लिए राज्य सरकार 15 करोड़ रुपये की मदद देगी।
आने वाले दिनों में बैंक के डिफाल्टरों की गिरफ्तारी का आंकड़ा 250 के पार पहुंच सकता है। लोन न चुकाने के मामले में हाल ही में सबसे बड़े डिफाल्टर को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सरकार बैंक को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है।
आरबीआई को भेजा बैंक का रिवाइवल प्लान
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बीते जून में सहकारिता विभाग को पत्र लिखकर बैंक का लाइसेंस रद्द करने को कहा था। आरबीआई ने बैंक को लिक्विडेट करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया है। हालांकि, राज्य सरकार बैंक को बंद नहीं होने देगी और इसके लिए एक रिवाइवल प्लान बनाकर आरबीआई को भेजा है।
सहकारिता विभाग के मुताबिक बैंक को दोबारा खड़ा करने के लिए करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की जरूरत है। सरकार 15 से 20 करोड़ रुपये देने को तैयार है। अगर बाकी बची रकम शेयर होल्डर और खाताधारक मिलकर जमा कर देते हैं, तो बैंक फिर से सुचारू रूप से चलने लगेगा।
नेटवर्थ माइनस में, एनपीए में हुई रिकवरी
मौजूदा समय में बैंक की नेटवर्थ माइनस 26 करोड़ रुपये हो गई है, जिसे पॉजिटिव में लाना जरूरी है। बैंक का एनपीए पहले 120 करोड़ रुपये था, लेकिन रिकवरी के बाद यह घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया है। बैंक में करीब 380 केस एनपीए हैं और डिफाल्टरों से 112 करोड़ वसूलने बाकी हैं।
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार डीसी नेगी ने बताया कि बघाट बैंक का रिवाइवल प्लान आरबीआई को सौंप दिया गया है। आरबीआई के समक्ष बैंक का मजबूत पक्ष रखा गया है और इसे किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा। राज्य सरकार वित्तीय मदद देकर बैंक को बचाने के हर संभव प्रयास कर रही है।